Saturday, November 9, 2013

नींद आँखों से लापता क्यूँ है ..?
हर ख्वाब इन पलकों में ...
अब कांपता क्यूँ है ...?
और ज़रा सी जब आँख लगे ..
तो ये कम्बख़्त सुबह ...
मेरी खिड़कियों से झाकता क्यूँ है ...??

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